Language Selection

Get healthy now with MedBeds!
Click here to book your session

Protect your whole family with Orgo-Life® Quantum MedBed Energy Technology® devices.

Advertising by Adpathway

         

 Advertising by Adpathway

देवदत्त पट्टनायक के साथ प्रश्नोत्तर -Devdutt Pattanaik Interview for Nav Bharat Times

7 months ago 71

PROTECT YOUR DNA WITH QUANTUM TECHNOLOGY

Orgo-Life the new way to the future

  Advertising by Adpathway

———————-

देवदत्त पट्टनायक के साथ प्रश्नोत्तर

आपने धार्मिक विषयों पर ढेरों पुस्तकें लिखी हैं। जैन धर्म पर यह पुस्तक लिखने का विचार आपको कैसे आया?

मैंने देखा कि लोग जैन धर्म के बारे में बहुत कम जानते हैं। जैन समुदाय भारत का सबसे सफल व्यावसायिक समुदाय है यह बात सभी जानते हैं। लेकिन लोगों को यह नहीं पता कि जैन मंदिर हिंदू मंदिरों से बहुत अलग हैं। लोगों में श्रमण परंपरा के बारे में बहुत कम जानकारी है। तो मैंने सोचा कि जन साधारण के लिए एक ऐसी क़िताब लिखी जाए जिससे मैं लोगों को इस धर्म के दो या तीन हज़ार साल पुराने इतिहास के बारे में परिचय दे सकूं।

इस पुस्तक को लिखने से पहले आप जैन धर्म के बारे में क्या जानते थे। क्या यह पुस्तक लिखने के बाद जैन धर्म को लेकर आपकी सोच में कुछ बदलाव आया है?

जब मैं ये क़िताब लिख रहा था तब मुझे एक बात समझ आई कि जैन धर्म में हर व्यक्ति अपने श्रम से ही मोक्ष प्राप्त कर सकता है। यहां भक्ति की धारणा नहीं है, भगवान की धारणा नहीं है। हर व्यक्ति को अपने कर्मों का उत्तरदायित्व स्वयं लेना पड़ता है। जैन धर्म में हिंदू धर्म जैसे स्वर्ग और नरक जैसी धारणा है, लेकिन यहां शिव और विष्णु जैसी धारणा नहीं है। यहां श्रमणों की धारणा है, सिद्धालय की धारणा है। यहां पर जो भी अपने कर्मों पर विजय प्राप्त करता है वह केवलिन बन सकता है। इस प्रकार, यह बहुत ही अलग विचार हैं।

इस दिवाली को जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2550वां निर्वाण दिवस है। भगवान महावीर से पहले के जैन धर्म के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?

भगवान महावीर की एक कहानी मुझे बहुत पसंद है। एक दिन जब वे तपस्या कर रहें थे तब एक ग्वाले ने उनसे पुछा कि मेरी गाय कहा है। तपस्या में विलीन होने के कारण उन्हें कुछ नहीं पता था। जब वे चुप रहें तब ग्वाले को इतना ग़ुस्सा आया कि उसने कांटे से महावीर के कान के परदे फाड़ दिए। लेकिन महावीर क्रोधित नहीं हुए और उन्होंने किसी से शिक़ायत भी नहीं की। इससे मुझे यह सीख मिली कि आजकल दुनिया में कितने लोग ट्रोलिंग करते हैं, सोशल मीडिया पर अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल करते हैं और हम कितनी आसानी से उत्तेजित हो जाते हैं। लेकिन भगवान महावीर कभी उत्तेजित नहीं हुए और मुझे उनकी इस बात से प्रेरणा मिली।

जैन धर्म की क्या चीजें आपको दूसरों के मुकाबले बेहतर लगीं?

जैन धर्म का सबसे अच्छा वचार है अनेकांत-वाद – अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार होते हैं।

इस पुस्तक को लिखने के लिए आपने क्या तैयारियां की।

इस क़िताब में मैंने अलग-अलग जैन पंथों के बारे में लिखा है जैसे श्वेताम्बर, दिगम्बर, तेरा-पंथी, मूर्ति पूजक, डेरा वासी, इत्यादि। इस प्रकार, अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार हैं, भिन्नताएं हैं। इस प्रकार, मैंने इन सबसे प्रेरणा लेकर ये क़िताब लिखी है।

आजकल के युवा छपी हुई किताबें या समाचार पत्र पढ़ने की बजाय उन्हें ऑनलाइन पढ़ना पसंद करते हैं। आप इस बारे में क्या सोचते हैं?

हर व्यक्ति को जहां उसे ज्ञान या अज्ञान मिलें वहां जाने की स्वतंत्रता दी गई है। अपनी बुद्धि और अपने कर्मों के अनुसार वे वही जाएंगे जहां उन्हें जाना है।

आप खुद किताबों व समाचार पत्र का प्रकाशित वर्जन पढ़ते हैं या फिर ऑनलाइन?

मैं माध्यम को महत्त्व नहीं देता हूँ, मैं लेखक को महत्त्व देता हूँ। कौन समाचार बता रहा है, उससे मैं ज़्यादा प्रेरित होता हूं, न की क्या वह समाचार मुझे प्रिंट मीडिया या ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से मिल रहा है। यदि कोई ईमानदार व्यक्ति है तो मैं उनकी बात सुनता हूँ, क्योंकि मुझे लगता है कि वे ईमानदारी की बातें करेंगे। यदि वे प्रचारक हैं तो मैं उनसे दूर रहता हूँ, क्योंकि वे केवल अपने समुदाय के बारे में प्रचार करेंगे न की वो मुझे ईमानदारी से समाचार देंगे।

जैन धर्मीय दिवाली क्यों मनाते हैं? उनके लिए दिवाली का क्या महत्त्व है?

हिंदुओं में दिवाली में लक्ष्मी और राम को मनाया जाता है। जैन धर्मियों के लिए दिवाली महावीर के मोक्ष प्राप्त करने को चिन्हित करती है, और वे यह घटना दीए जलाकर मनाते हैं। उनके लिए दिवाली महावीर के शिष्य, गौतम स्वामी (जिन्हें मिठाइयां बहुत पसंद थी), के मोक्ष प्राप्त करने को भी चिन्हित करती है, जो आख़िरकार तटस्थता का महत्त्व जान गए थे।

For Hindus, Diwali is about Lakshmi and Ram. For Jains, Diwali marks the moksha of Mahavir, which is why lamps are lit. It also marks enlightenment of his disciple, Gautam Swami (who loved sweets), who finally understood detachment.

Read Entire Article

         

        

Start the new Vibrations with a Medbed Franchise today!  

Protect your whole family with Quantum Orgo-Life® devices

  Advertising by Adpathway